“रात और तेरा साथ” – Poetry Of Night | Poetry In Hindi On Love

एक अजीब सा नाता है
तुमसे और रातो से
काले घने अंधेरो
में सफेद चाँदनी की तरह हो तुम
उन सितारों की तरह हो तुम
पाना हर कोई चाहता है तुमको
मगर सिर्फ आसमानों की हो तुम

वो सुनसान रातो में
जुगुनुयो को देखते हुए
मेरे हाथों में तेरा हाथ होना
हाथो की धड़कनों को महसूस करके
और लकीरो में खुद को पाना
पूरी रात जागते हुए बिताना
न जाने क्या क्या बतियाना
उन अनकहे एहसासों में हो तुम

Poetry On Night

Romantic Poetry In Hindi

हर रात तुम एक अजीब पहेली होती थी
कभी मुश्कुराती होती थी
तो कभी शरमाती होती थी
न जाने कब मैं तुम्हारी आखो में पढ़ लेता था
एक उलझा से सपना
जो था सिर्फ तेरा अपना

मैं वायदे किये जाता था
तू उसपे कुछ न बोलती थी
न जाने क्यों उन रातो में खुद को कैद करती थी
मेरे पास होके वो एहसास का नगमा थी तुम
दूर जितना भी थी तुम, मेरे पास थी तुम

Poetry In Hindi On Love

Poetry In Hindi

हर रात बस एक कहानी पिरोता था
तेरे और अपने यादो की एक कहानी संजोता था
ठंडी हवाओं की एहसास सी हो तुम
हर वक़्त हर पल मेरे पास हो तुम

पूरा दिन कही भी बीते
पूरी रात तेरे हाथो में बीत जाना
एक अजीब सा एहसास दे जाता था
थकान कितनी भी हो
एक आराम मिल जाता था
तेरा हाथ पकड़ के मेरा हर ख़्वाब मिल जाता था 😍😔

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